Haryana News: हिसार महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट को विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) लाइसेंस का रिन्यूअल मिल गया है। यह मंजूरी छह माह के लिए दी गई है। इससे पहले भी एयरपोर्ट पर वीएफआर की ही मंजूरी थी। अधिकारियों ने बताया कि रिन्यूअल हाल ही में 12 सितंबर को जारी हुई है। एयरपोर्ट ने इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के लिए भी आवेदन किया हुआ है। अगर IFR की मंजूरी मिल जाती है, तो एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग और खराब मौसम में भी विमान उड़ान भर सकेंगे।
मौजूदा स्थिति और सीमाएँ
वर्तमान में एयरपोर्ट पर लगे नेविगेशन सिस्टम इतने एडवांस नहीं हैं कि कम दृश्यता में विमान उड़ाया जा सके या लैंडिंग कराई जा सके। खराब मौसम या कम दृश्यता के कारण कई बार हिसार से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द करनी पड़ती हैं। वर्तमान में यहां दृश्यता लगभग 5500 मीटर होती है, जबकि उड़ान भरने के लिए कम से कम 2800 से 3500 मीटर की आवश्यकता होती है।
VFR और IFR के बीच अंतर
VFR का पूरा नाम विजुअल फ्लाइट रूल्स है। इसके तहत पायलट केवल स्पष्ट और साफ मौसम की स्थिति में दृश्य संकेतों का उपयोग करके उड़ान भरते हैं। उड़ान के दौरान बादलों से आवश्यक दूरी बनाए रखना अनिवार्य है, अन्यथा पायलट के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
इसके विपरीत IFR (इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स) में पायलट कम दृश्यता में उपकरणों की मदद से उड़ान भरते हैं। IFR पायलट को सूर्यास्त से सूर्योदय तक उड़ान भरने की अनुमति देता है और खराब मौसम में फ्लाइट संचालन को संभव बनाता है।













