Haryana सरकार ने सरकारी विभागों में वाहन चालकों की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल दसवीं पास युवा इस पद के लिए पात्र नहीं होंगे। नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों की दक्षता बढ़ाना और विभागों में पेशेवर स्तर को सुनिश्चित करना है।
नए नियमों के अनुसार, उम्मीदवार की दसवीं या बारहवीं की पढ़ाई में कम से कम एक विषय हिंदी या संस्कृत होना जरूरी है। यदि किसी ने इन विषयों में से कोई विषय नहीं पढ़ा है, तो स्नातक स्तर पर हिंदी का ज्ञान अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी चालकों को सरकारी कामकाज में भाषा की बुनियादी समझ हो और वे विभागीय निर्देशों को सही तरीके से समझ सकें।
प्रदेश सरकार ने यह संशोधन हरियाणा अर्थ एवं सांख्यिकीय विश्लेषण विभाग (ग्रुप-ग) सेवा नियमों में किया है और इसे अब से लागू कर दिया गया है। योजना विभाग और अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि नई नियमावली केवल भविष्य की भर्तियों तक ही सीमित नहीं है।
यह नियम पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति और स्थानांतरण के मामलों में भी लागू होगा। इसका मतलब यह है कि अब विभागों में चालक बनने का रास्ता सिर्फ 12वीं पास और भाषा मानक पूरी करने वाले उम्मीदवारों के लिए ही खुला रहेगा। इसका सीधा असर यह होगा कि विभागों में पेशेवर क्षमता और जिम्मेदारी का स्तर बढ़ेगा।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से केवल योग्य और सक्षम उम्मीदवार ही भर्ती होंगे। साथ ही, यह बदलाव विभागों में अनुशासन और दक्षता बढ़ाने में भी मदद करेगा। नई नीति से भविष्य में सरकारी वाहनों के संचालन में गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए गए हैं।













