Haryana School: हरियाणा सरकार ने स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य शिक्षा निदेशालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, संसाधन केंद्रों और स्कूल प्रधानाचार्यों को स्कूलों के आसपास इन उत्पादों की बिक्री पर सख्त नजर रखने के आदेश दिए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है तो तुरंत संबंधित ग्राम पंचायत और नजदीकी पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। इसके बाद बिक्री को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इससे बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी।
पिछले साल हरियाणा विधानसभा ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) हरियाणा संशोधन विधेयक 2024 पारित किया। इस विधेयक के तहत राज्य में हुक्का बार खोलने और चलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और ग्राहकों को हुक्का परोसने की अनुमति नहीं है।
कानून की धारा 21-ए के अनुसार हुक्का बार पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले को एक वर्ष तक की कैद हो सकती है, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है, जो पांच लाख रुपये तक बढ़ सकता है। यह कदम नशे के प्रति सख्ती का संकेत है।
इसके अलावा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि राज्य का लक्ष्य कृषि को केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि एक स्थायी और लाभदायक व्यवसाय बनाना है। नई दिल्ली में 20वें सीआईआई भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन में उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को उत्पादन से लेकर उपज की बिक्री तक हर स्तर पर सहयोग दे रही है। उनका ध्यान केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं बल्कि कृषि को लाभदायक और स्थायी उद्यम बनाने पर है।













