राष्ट्रीय राजधानी Delhi और Haryana के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक और बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। नई दिल्ली से करनाल के बीच बनने वाली इस रैपिड रेल परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोनीपत, पानीपत और करनाल में इसके लिए कार्यालय बनाने की जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि इसका अधिकांश मार्ग एलिवेटेड होगा ताकि सड़क यातायात पर कोई असर न पड़े।
यह रैपिड रेल दिल्ली के जंगपुरा से शुरू होगी और सराय काले खां, कश्मीरी गेट, अलीपुर होते हुए कुंडली पहुंचेगी। यहां से यह सोनीपत और पानीपत होते हुए करनाल तक जाएगी। कुल 129 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड होगा जबकि पानीपत में यह अंडरग्राउंड होकर गुजरेगी। परियोजना को पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके अगले वित्त वर्ष से पहले काम शुरू होने की उम्मीद है।
इस मेगा प्रोजेक्ट पर हरियाणा सरकार 45 प्रतिशत खर्च उठाएगी जबकि बाकी 55 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार करेगी। यह सहयोग दोनों सरकारों की साझा जिम्मेदारी को दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पूरा होने के बाद दिल्ली से करनाल के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और लोगों को तेज और आरामदायक सफर मिलेगा।
13 स्टेशन और आधुनिक सुविधाएं
इस कॉरिडोर पर कुल 13 स्टेशन बनाए जाएंगे। सोनीपत में कुंडली, बहालगढ़, मुरथल चौक, गन्नौर और समालखा शामिल हैं। पानीपत में रेलवे स्टेशन के पास और सेक्टर 18 में स्टेशन बनेगा। घरौंडा, मधुबन और करनाल में सेक्टर 7 तथा नए बस स्टैंड के पास स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं और हाईटेक सिस्टम लगाए जाएंगे।
लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
रैपिड रेल शुरू होने से लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा। दिल्ली और करनाल के बीच रोजाना सफर करने वालों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा। यह प्रोजेक्ट हरियाणा और दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा। आने वाले सालों में यह परियोजना न केवल ट्रांसपोर्टेशन बल्कि आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।













