हरियाणा में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बीते दिनों से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम विभाग की मानें तो अभी कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां अलग-अलग जिलों में जारी रह सकती हैं।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन लाल खीचड़ के अनुसार मानसून ट्रफ इस समय उत्तर से थोड़ा नीचे खिसककर कच्छ, कोटा, औरैया, सिद्धि, रांची, दीघा होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसी कारण 12 सितंबर तक प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी,Haryana Weather Update
हालांकि पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है। इन जिलों में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल में आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।Haryana Weather Update
10 सितंबर: पंचकूला और यमुनानगर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और कैथल के कुछ हिस्सों में भी बूंदाबांदी हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम साफ़ रहने की उम्मीद है।
11 सितंबर: पंचकूला और यमुनानगर में व्यापक बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और कैथल में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
12 सितंबर: पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों में अधिकतर इलाकों में बारिश हो सकती है। वहीं कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत और सोनीपत में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी संभव है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को इस दौरान खेतों में अतिरिक्त पानी निकासी का प्रबंध करना चाहिए, ताकि खड़ी फसल को नुकसान से बचाया जा सके। लगातार हो रही वर्षा से धान और सब्जी जैसी फसलों में कीट रोग बढ़ने की भी आशंका है।Haryana Weather Update













