Haryana में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर आई है। नायब सैनी सरकार ने किसानों के खेतों का नुकसान सही तरीके से आंकने के लिए ड्रोन मैपिंग का फैसला किया है। इसका उद्देश्य खेतों की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और डेटा इकट्ठा करना है, ताकि फसल नुकसान की असली स्थिति सामने आ सके।
प्रदेश में अब तक 5754 गांव बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हुए हैं। लगभग 3 लाख किसान इस आपदा से प्रभावित हुए हैं और 18 लाख 66 हजार एकड़ फसल खराब हुई है। किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। किसान 15 सितंबर तक बारिश और जलभराव से हुए नुकसान का दावा कर सकते हैं।
सरकार ने 20 सितंबर से स्पेशल गिरदावरी करने का निर्णय लिया है। पटवार और कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान जयवीर चहल के अनुसार, दो सप्ताह के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि का क्राइटेरिया तय कर दिया गया है। तुरंत राहत के लिए सभी जिलों में 3.06 करोड़ रुपये के रिजर्व फंड को स्वीकृत किया गया है।
सहायता राशि का विवरण:
- मृत्यु: 4 लाख रुपये
- अंग हानि (40-60%): 74,000 रुपये
- अंग हानि (60% से अधिक): 2.50 लाख रुपये
- क्षतिग्रस्त मकान (मैदानी क्षेत्र): 1.20 लाख रुपये
- क्षतिग्रस्त मकान (पहाड़ी क्षेत्र): 1.30 लाख रुपये
- आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान (15%): 10,000 रुपये
- गांव में दुकान/संस्थान/उद्योग को 100% हानि: 1 लाख रुपये या वास्तविक हानि
- व्यावसायिक हानि (1-5 लाख तक): 1.75 से 3.05 लाख रुपये, 5 लाख से अधिक: 3.05 लाख + 10%
- फसल हानि सब्सिडी: प्रति एकड़ 7,000 से 15,000 रुपये
- दूधारू पशु (भैंस, गाय, ऊंटनी): 37,500 रुपये
- भेड़/बकरी/सूअर: 4,000 रुपये
- मुर्गी पालन: 10,000 रुपये तक













