RRTS: Old Gurugram Metro Project के भूमि पूजन समारोह में केंद्रीय उर्जा एवं शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान रैपिड रेल कॉरिडोर (RRTS) को जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने वाली है। इस परियोजना से एनसीआर में शामिल हरियाणा के लोगों की यात्रा बहुत आसान हो जाएगी।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सर्विस (RRTS) दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गुरुग्राम, धारुहेड़ा, बावल होते हुए नीमराना तक जाएगी। परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित एनसीआर के शहरों में सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं।
इस रैपिड रेल कॉरिडोर में हर 8 किलोमीटर के बाद एक स्टेशन होगा, ताकि यात्रियों को शुरू से अंत तक केवल डेढ़ से दो घंटे में यात्रा पूरी करने में आसानी हो। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना का एक और सेक्शन फरीदाबाद से जेवर तक जाएगा। दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर 164 किलोमीटर लंबा यह रैपिड रेल कॉरिडोर एलिवेटेड ट्रैक और टनल सहित तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
प्रोजेक्ट पूरा होने पर दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख स्थानों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 117 मिनट यानी दो घंटे रह जाएगा। यह तेज गति वाली ट्रेन दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का एक नया और आरामदायक विकल्प देगी।
इस परियोजना से यात्रियों को समय की बचत होगी, सफर सुविधाजनक होगा और ट्रैफिक की भी समस्या कम होगी। रैपिड रेल कॉरिडोर हरियाणा के एनसीआर शहरों में आने-जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।













