Haryana की नायब सैनी सरकार ने प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए अहम कदम उठाया है। अब राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में खजाना और लेखा विभाग के साथ-साथ स्थानीय लेखा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किसी भी तरह की कागजी फाइल प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
डिजिटल पोर्टल से कार्यवाही
चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अब बिल प्रक्रिया, अनुमोदन और उससे जुड़ी सभी कार्यवाही केवल हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल (HEWP) के माध्यम से ही की जाएगी। सरकार का मानना है कि फाइलों के भौतिक आदान-प्रदान से न केवल काम में देरी होती है बल्कि यह आधुनिक तकनीक के जरिए सुशासन स्थापित करने के प्रयासों को भी प्रभावित करता है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि इस आदेश का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि हर बिल संबंधी कार्यवाही डिजिटल माध्यम से ही हो। इसके साथ ही पोर्टल पर कार्यों की निगरानी और अनुमोदन भी पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
इस कदम से न केवल सरकारी कार्यों में तेजी आएगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल पोर्टल पर काम होने से भ्रष्टाचार और देरी जैसी समस्याएं काफी हद तक खत्म होंगी। नायब सैनी सरकार का यह फैसला हरियाणा में ई-गवर्नेंस को और मजबूती देगा और सरकारी सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।













