Haryana weather: हरियाणा में इस साल मानसून ने सामान्य से 47 प्रतिशत ज्यादा बारिश की है। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। कुरुक्षेत्र में घग्गर और मारकंडा नदियों का पानी घरों में घुस चुका है, जबकि अंबाला में टंगरी और घग्गर नदी उफान पर दिखीं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को हरियाणा के 6 जिलों – महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में यलो अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 6 सितंबर से मानसून के कमजोर होने की संभावना जताई गई है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून की टर्फ बीकानेर, जयपुर, दातिया, सिद्धि, झारसुगुड़ा और पुरी होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। दक्षिण हरियाणा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है और नमी वाली हवाओं के कारण मानसून की ताकत 6 सितंबर तक बनी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि 4 से 6 सितंबर के बीच मानसून की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। इस दौरान उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा में कहीं-कहीं बारिश होगी, जबकि पश्चिमी हरियाणा में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान नमी बनी रहेगी और तापमान में हल्की गिरावट होगी।
चरखी दादरी में 3 सितंबर को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज सुबह प्रदेश का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दो दिन का हाल यह है – 5 सितंबर को महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में यलो अलर्ट रहेगा और इन जिलों में बारिश की संभावना है। बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 6 सितंबर को मानसून कमजोर पड़ेगा और किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट नहीं रहेगा।













