Haryana के पानीपत में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उपायुक्त डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने नया कदम उठाया है। 1 सितंबर से जिले में ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू किया जा रहा है। फिलहाल इसका ट्रायल कुछ वाहनों पर एक हफ्ते के लिए किया जाएगा।
ट्रायल के बाद बड़ा फैसला
इस हफ्ते के ट्रायल के परिणामों का आकलन करने के बाद उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक आगे बढ़कर पूरी योजना लागू करने का फैसला करेंगे। इसी संबंध में शनिवार को जिला सचिवालय सभागार में निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी और ट्रैफिक पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी ने शहर के ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने दिशा-निर्देश दिए और सुझाव भी मांगे।
ट्रायल सफल हुआ तो पूरे जिले में लागू
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अगर ट्रायल सफल रहा तो ऑड-ईवन फॉर्मूला पूरे जिले में लागू होगा। प्रशासन ने वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है और कहा कि यातायात नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है। इससे शहर में ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलेगी।
विवेक चौधरी ने बताया कि इस फॉर्मूले का मुख्य उद्देश्य सड़क पर जाम कम करना, ईंधन की बचत करना और सड़क हादसों को रोकना है। सुरेश सैनी ने बताया कि शहर में चलने वाले 4032 ई-रिक्शा और 3414 ऑटो रिक्शा को इस सिस्टम में शामिल किया गया है। इसके तहत वाहन के रजिस्ट्रेशन के अंतिम अंक के आधार पर ही सड़क पर चलने की अनुमति होगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस फॉर्मूले से शहर की व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। वाहन चालकों को सिग्नल पर लंबा समय रुकना नहीं पड़ेगा। ईंधन की बचत और लगातार चलने वाले वाहन सड़क पर सुचारु यातायात बनाएंगे। इससे सड़क हादसे कम होंगे और प्रदूषण भी घटेगा। अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने बताया कि अंतिम फैसला अगली मीटिंग के बाद लिया जाएगा, लेकिन यह तय है कि ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।













