Haryana Assembly के मानसून सत्र में सोमवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया गया। इस विधेयक के तहत विधायकों (MLAs) के विशेष यात्रा भत्ते में बदलाव किए गए हैं। विधानसभा ने Members’ Salary, Allowance and Pension Act में संशोधन किया है। इससे पहले, MLAs को मिलने वाली मासिक पेंशन और महंगाई भत्ता सहित विशेष यात्रा भत्ता की कुल राशि 1 लाख रुपये तक सीमित थी। इसमें विशेष यात्रा भत्ता अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह शामिल था।
विधायकों ने स्पीकर से संपर्क किया और कहा कि वर्तमान महंगाई को देखते हुए 1 लाख रुपये की सीमा उपयुक्त नहीं है। उन्होंने इस सीमा को हटाने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने मांग की कि MLA या उनके परिवार के सदस्य देश में कहीं भी यात्रा करने के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये का विशेष यात्रा भत्ता जारी रखा जाए। यह भत्ता विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों की यात्रा खर्च को पूरा करने में मदद करेगा।
इन सुझावों को स्वीकार करते हुए विधानसभा ने 1975 के अधिनियम की धारा 7C में संशोधन किया। अब MLAs को 1 लाख रुपये की सीमा से मुक्ति मिल गई है। इससे विधायकों को पेंशन, महंगाई भत्ता और विशेष यात्रा भत्ते के मामले में अधिक स्वतंत्रता और सुविधा मिलेगी। संशोधन के बाद MLAs हर महीने 10,000 रुपये का विशेष यात्रा भत्ता प्राप्त कर सकेंगे।
यह कदम विधायकों के लिए आर्थिक सुरक्षा और यात्रा सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि महंगाई के कारण किसी प्रकार की वित्तीय कठिनाई न हो। इस बदलाव से हरियाणा के विधायकों को उनके सेवाकाल के दौरान बेहतर सुविधा और स्वतंत्रता मिलेगी, और यह उनके कामकाज और सरकारी यात्राओं में भी सहायक साबित होगा।













