मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ऐलान किया कि राज्य सरकार ने ‘Haryana Contractor Saksham Yuva Yojana‘ शुरू की है। इस योजना के तहत आईटीआई डिप्लोमा या इंजीनियरिंग डिग्री धारक बेरोजगार युवाओं को ठेकेदार बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद वे हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल (HEWP) पर पंजीकृत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को HEWP की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये जानकारी दी।
यह योजना युवाओं के तकनीकी ज्ञान को ठेकेदारी में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय ने एक वेब पोर्टल लॉन्च किया है जिस पर इच्छुक इंजीनियरिंग डिग्रीधारी युवक पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल में 90 दिनों की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे HEWP पोर्टल पर पंजीकृत हो सकेंगे।
HEWP पर होगा आसान और पारदर्शी रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री ने HEWP पोर्टल की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि ठेकेदारों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और स्पष्ट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि एक स्पष्ट एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बननी चाहिए ताकि ठेकेदारों को किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि भुगतान ऑनलाइन मोड से समय पर किया जाए। अभी तक कुल 20,709 ठेकेदारों में से 6,476 ठेकेदार पंजीकृत किए जा चुके हैं।
विकास कार्यों के लिए बजट की सुनिश्चितता जरूरी
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि कोई भी विकास कार्य या परियोजना शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। यदि परियोजना का बजट केंद्र सरकार से आना है तो संबंधित मंत्रालय से संपर्क कर उसे शीघ्र जारी करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी विभागों के इंजीनियरिंग कार्य HEWP पोर्टल के माध्यम से ही आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी टेंडर जारी होते ही तुरंत आवंटित किए जाएं और उनके भुगतान भी HEWP से ही किए जाएं। 1 अप्रैल 2025 से कोई भी ऑफलाइन आवंटन मान्य नहीं होगा।













