Gurugram: साइबर सिटी गुरुग्राम में आयुष्मान कार्डधारकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सेक्टर-10 सिविल अस्पताल में संचालित हृदय आरोग्य केंद्र में आयुष्मान योजना 2023-24 की बकाया राशि का भुगतान आश्वासन के बावजूद अटका हुआ है। इस कारण करीब एक महीने से आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज बंद पड़ा है। ऐसे में इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर दिल के मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि अस्पताल प्रबंधन केवल नोटिस देने की औपचारिकता निभाकर अपने हाथ खींच रहा है।
सिविल अस्पताल में हृदय आरोग्य केंद्र में बीपीएल और अन्य सरकारी लाभार्थियों का इलाज निःशुल्क और रियायती दरों पर जारी है। पिछले सात वर्षों से केरल की प्राइवेट संस्था मेडिट्रीना हॉस्पिटल इस हृदय आरोग्य केंद्र का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर कर रही है। यहां हर महीने 50 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी की जाती हैं और हर साल करीब 24 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जाता है। केंद्र के प्रबंधन के अनुसार, रोजाना औसतन 100 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिसमें ओपीडी कंसल्टेंसी के लिए 116 रुपये लिए जाते हैं।
PGI रोहतक से 50% सस्ती है एंजियोप्लास्टी
मेडिट्रीना हार्ट सेंटर में कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, रिंग डलवाना, पेसमेकर आदि का इलाज रियायती दरों पर किया जाता है। यह सुविधा बीपीएल और गरीब मरीजों के लिए निःशुल्क दी जाती है। यहां आने वाले अधिकतर मरीज आयुष्मान, बीपीएल और एससी/एसटी पैनल जैसी सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं। इसके अलावा कई मरीज नकद भुगतान कर भी स्वास्थ्य सेवाएं ले रहे हैं। यहां एंजियोप्लास्टी की दरें पीजीआई रोहतक की तुलना में 50% तक कम हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को राहत मिलती है।
भुगतान अटका, बजट का इंतजार
मेडिट्रीना संस्था की सीईओ मंजू के अनुसार, गुरुग्राम सिविल अस्पताल में संचालित हृदय आरोग्य केंद्र का करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसमें दो करोड़ रुपये आयुष्मान योजना के और अन्य योजनाओं का भुगतान भी शामिल है। कई बार सरकार से बजट मिलने पर ही शेष भुगतान जारी करने की बात कही गई है। निजी संस्था को डेढ़ करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान किया गया है, लेकिन अभी भी बकाया भुगतान लंबित रहने से आयुष्मान योजना के तहत इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है और मरीजों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।













