Haryana में यूरिया-डीएपी खरीदने वाले किसानों की होगी ग्राउंड जांच, सरकार ने बढ़ी बिक्री पर जताई चिंता

On: July 15, 2025 5:44 PM
Follow Us:
Haryana में यूरिया-डीएपी खरीदने वाले किसानों की होगी ग्राउंड जांच, सरकार ने बढ़ी बिक्री पर जताई चिंता

Haryana में 20 या उससे अधिक बैग यूरिया और डीएपी खाद खरीदने वाले किसानों का ग्राउंड लेवल पर सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक ने इस संबंध में सभी जिलों के कृषि उप निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, सरकार को राज्य में यूरिया और डीएपी खाद की अधिक खपत के चलते इसकी कालाबाजारी की आशंका है। खरीफ सीजन में यूरिया की बिक्री में वृद्धि को देखते हुए निदेशक ने जिलों के अधिकारियों को पत्र जारी कर इस पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

यूरिया के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिलों में स्थानीय प्रशासन ने कृषि और पुलिस विभाग के अधिकारियों की टीमों वाले उड़न दस्ते बनाए हैं। यह टीमें खुदरा दुकानों पर खाद की बिक्री पर नजर रख रही हैं। इसके अलावा, राज्य की सीमाओं पर भी अवैध ढुलाई को रोकने के लिए नाके लगाए गए हैं ताकि बिना अनुमति खाद को बाहर ले जाने पर कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अनियमितता पाई जाने पर संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पिछले साल से ज्यादा बिकी यूरिया, आपूर्ति पर दबाव

विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि इस वर्ष 1 अप्रैल से 11 जुलाई तक यूरिया की बिक्री 6,63,714 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 5,39,542 मीट्रिक टन थी। इस वृद्धि के कारण उपलब्ध स्टॉक में कमी आई है और यूरिया की आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है। विभाग ने आशंका जताई है कि इस बढ़ी हुई खपत के पीछे खाद का दुरुपयोग और कालाबाजारी भी एक कारण हो सकती है, जिसके लिए जांच आवश्यक है।

किसानों को तीन श्रेणियों में बांटकर होगी जांच

विभाग ने जून और जुलाई में 20 बैग से अधिक यूरिया खरीदने वाले किसानों की पहचान के लिए इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के डेटा का उपयोग अनिवार्य किया है। किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: श्रेणी 1 (40-50 बैग), श्रेणी 2 (30-40 बैग) और श्रेणी 3 (20-30 बैग)। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फील्ड स्टाफ को पहले श्रेणी 1 के किसानों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ग्राउंड लेवल पर सत्यापन करने और फिर क्रमशः श्रेणी 2 और 3 की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। नए खरीद मामलों की जांच तीन दिनों के भीतर पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

WhatsApp

Join Now

Facebook

Follow Now