Haryana सरकार राज्य के पेंशनधारकों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों के लिए जल्द ही फेस रिकॉग्निशन आधारित मोबाइल एप लॉन्च करने जा रही है। इस एप की मदद से लाभार्थी घर बैठे डिजिटल रूप से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। वर्तमान में यह एप अंतिम परीक्षण चरण में है और इसके तकनीकी पहलुओं को जांचने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार की योजना इस एप को सबसे पहले अगस्त 2025 में पंचकूला और अंबाला जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च करने की है। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे राज्य के अन्य 20 जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद राज्य के 36 लाख से अधिक लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस एप के आने से प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी, जिससे समय और धन की बचत होगी तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
हरियाणा में पेंशनधारकों की वर्तमान स्थिति
हरियाणा सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 21.96 लाख वरिष्ठ नागरिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 8.88 लाख विधवाएं और 2.09 लाख दिव्यांगजन भी पेंशन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा, बौनेपन से ग्रस्त व्यक्तियों, ट्रांसजेंडर समुदाय, निराश्रित बच्चों और दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को भी इस योजना के तहत सहायता प्रदान की जा रही है। इस एप के माध्यम से इन सभी वर्गों को एक सरल और सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुविधा दी जाएगी।
पेंशनधारकों को घर बैठे मिलेगी सुविधा
फेस रिकॉग्निशन आधारित इस एप के आने से पेंशनधारकों को सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी और वे घर बैठे अपने मोबाइल से प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और पेंशनधारकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से मिल सकेगा। इस पहल से हरियाणा सरकार की डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













