हरियाणा में खेल संघों के लिए अब करो या मरो की स्थिति बन गई है। हरियाणा ओलम्पिक संघ ने प्रदेश के करीब 25 खेल संघों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने संविधान और कार्यप्रणाली में भारत सरकार के नेशनल खेल एक्ट 2025 के अनुसार जरूरी संशोधन करें। इस संबंध में सभी खेल संघों को नोटिस जारी कर 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा दी गई है।
हरियाणा ओलम्पिक संघ ने 25 खेल संघों को जारी किया नोटिस
हरियाणा ओलम्पिक संघ ने हरियाणा के 25 खेल संघों को नोटिस जारी किया है। जिसे चेतावनी दी गई है। यदि तय समय सीमा तक नए नियम लागू नहीं किए गए तो संबंधित खेल संघों की मान्यता रद्द की जा सकती है और उन्हें सरकारी सहायता व अन्य सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ सकता है। यानि उनकी मान्यता रद्द हो सकती है।
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि प्रदेश में खेल प्रशासन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नेशनल खेल एक्ट 2025 के प्रावधानों को अब सभी राज्य स्तरीय खेल संघों में लागू करना अनिवार्य होगा।
18 मार्च को हरियाणा ओलम्पिक संघ ने बैठक बुलाई
इसी विषय पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के लिए 18 मार्च 2026 को हरियाणा ओलम्पिक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
नए नियमों के तहत खेल संघों की कार्यकारिणी में पारदर्शिता, महिला खिलाड़ियों की भागीदारी और चयन प्रक्रिया में सुधार पर विशेष जोर दिया गया है।
31 मार्च 2026 तक संविधान और नियमों में बदलाव करना अनिवार्य
इसके अलावा खिलाड़ियों को शिकायत और अपील का स्पष्ट अधिकार देने का प्रावधान भी किया जा रहा है, ताकि चयन से जुड़े विवादों का निष्पक्ष समाधान हो सके। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों के लागू होने से खेल संघों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश में खेलों का स्तर भी मजबूत होगा।













