राजस्थान के चर्चित नासिर-जुनैद हत्याकांड में आरोपी मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर को जयपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में मोनू मानेसर की जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि जमानत मिलने के बावजूद फिलहाल उसकी जेल से रिहाई तुरंत नहीं हो पाएगी। अदालत द्वारा निर्धारित बेल बॉन्ड और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही वह जेल से बाहर आ सकेगा। इस फैसले के बाद उसके परिजनों और समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
12 सितंबर को गुरुग्राम से हुआ गिरफ्तार
हरियाणा पुलिस ने मोनू मानेसर को 12 सितंबर 2023 को गिरफ्तार किया था। नूंह पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने उसे गुरुग्राम में मानेसर के मार्केट से पकड़ा था। मोनू की गिरफ्तारी का पता चलते ही राजस्थान पुलिस भी कोर्ट पहुंच गई। उसे जेल ले जाने से पहले ही राजस्थान पुलिस को उसकी ट्रांजिट रिमांड मिल गई। इसके बाद पुलिस मोनू को अपने साथ ले गई थी।

ढाई साल से जेल में बंद: बता दे उसे राजस्थान की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तभी से वह राजस्थान की जेल में बंद था। आरोप है कि फरवरी 2023 में हरियाणा के नूंह जिले के भिवानी क्षेत्र में दो युवकों नासिर और जुनैद का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी और उनके शव एक जली हुई कार में बरामद हुए थे। इस मामले में कई लोगों के साथ मोनू मानेसर का नाम भी सामने आया था।
जानिए क्यों चर्चा में रहा मोनू‘ बता दे कि मोनू मानेसर पिछले कई वर्षों से स्वयं को गौरक्षक बताने के कारण चर्चा में रहा है। वह 2011 में बजरंग दल में जिला समन्वयक के रूप में शामिल हुआ था और सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहा है। उसके कई पोस्ट और वीडियो में कथित गौ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र मिलता रहा है।

एडवोकेट कुलभूषण भारद्वाज के अनुसार 12 अगस्त 2023 को मोनू मानेसर को गुरुग्राम पुलिस ने पटौदी इलाके में हुई फायरिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही उस पर नूंह में हुई हिंसा के दौरान भड़काऊ पोस्ट डालने का भी आरोप लगा था। इन मामलों में गुरुग्राम की अदालत से उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन इसी दौरान राजस्थान पुलिस ने उसे नासिर-जुनैद हत्याकांड में मुख्य आरोपी बताते हुए अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया।
फेसबुक पोस्ट से बिगाडा खेल’ अगस्त 2022 में उसके एक फेसबुक पोस्ट में “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं” जैसी टिप्पणी भी सामने आई थी, जिसके बाद उसके बयान और गतिविधियां विवादों में रही थीं।इसी बीच हरियाणा के गुरुग्राम और मानेसर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में सांप्रदायिक तनाव से जुड़े कई मामले भी सामने आए हैं। विभिन्न घटनाओं में धार्मिक कार्यक्रमों, नमाज पढ़ने के स्थानों और सामाजिक बहिष्कार जैसे मुद्दों को लेकर विवाद हुए, जिनमें प्रशासन को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
हालांकि पुलिस और प्रशासन का कहना रहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब जयपुर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद नासिर-जुनैद हत्याकांड से जुड़े इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।












