Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, पुराने वाहन बने सबसे बड़े दुश्मन, PMO ने दिए सख्त आदेश

On: November 25, 2025 2:38 PM
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Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, पुराने वाहन बने सबसे बड़े दुश्मन, PMO ने दिए सख्त आदेश

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा इन दिनों सबसे ज्यादा जहरीली हो गई है। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से ऊपर पहुंच गया है। ठंड शुरू होते ही प्रदूषण भी तेजी से बढ़ गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल बैठक हुई। इसमें दिल्ली के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के चीफ सेक्रेटरी भी शामिल हुए।

पुराने वाहन बढ़ा रहे प्रदूषण

बैठक में पता चला कि दिल्ली-NCR क्षेत्र में लगभग 37 प्रतिशत वाहन पुराने BS I से BS III नॉर्म्स के तहत चल रहे हैं। ये वाहन प्रदूषण बढ़ाने में सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। पीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करें। साथ ही नए नियमों का कड़ाई से पालन करें।

दिल्ली में वाहनों की भारी भीड़

दिल्ली में करीब 1.57 करोड़ वाहन हैं जबकि पूरे NCR में यह संख्या लगभग 2.97 करोड़ है। यही कारण है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। पुराने इंजन वाले वाहन खासतौर पर प्रदूषण में भारी योगदान देते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन बनाया है, जिसने वाहनों और ट्रैफिक से जुड़ी प्रदूषण समस्याओं को प्राथमिकता दी है। दिल्ली और चारों पड़ोसी राज्यों को ANPR, RFID और ITMS जैसी नई तकनीकों को लागू करने का निर्देश दिया गया है ताकि ट्रैफिक नियंत्रण बेहतर हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की धीमी रफ्तार

हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी राजधानी में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की संख्या पेट्रोल वाहनों की तुलना में बहुत कम है। इस साल जनवरी से अक्टूबर तक केवल 17,942 इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन ही रजिस्टर्ड हुए हैं।

ठंड, पराली और वाहनों का मेल

पिछले दो हफ्तों में पराली जलाने और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण दिल्ली का प्रदूषण स्तर खतरनाक हो गया। इसी कारण दिल्ली सरकार को ग्रैप के स्टेज 2 को लागू करना पड़ा। इससे हवा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

सुनील चौहान

सुनील चौहान हरियाणा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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