Delhi Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक तक बढ़ गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार 400 से ऊपर बना हुआ है, जिससे पूरा शहर जैसे ‘गैस चैंबर’ में बदल गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कड़ी निगरानी और जुर्माने की तैयारी
सरकार ने ठंड के मौसम में प्रदूषण बढ़ने से रोकने के लिए एक्शन प्लान तेज कर दिया है। खासकर सड़क निर्माण और कटिंग के दौरान उठने वाली धूल पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने साफ किया है कि Dust Control नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। ऐसे दोषियों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
रियल-टाइम निगरानी से कड़ी कार्रवाई
पर्यावरण विभाग की करीब 2,000 टीमें रियल-टाइम में निर्माण स्थलों की जांच कर रही हैं। 331 निर्माण और डेमोलिशन साइटों का निरीक्षण किया गया है। खुले में कचरा जलाने और गैर-कानूनी कचरा फेंकने के कई मामलों में सख्त कार्रवाई हुई है। PUC प्रमाणपत्र नहीं दिखा पाने वाले 3,108 वाहनों को चालान किया गया है।
मजदूरों के लिए सामुदायिक रसोई
प्रदूषण का एक बड़ा कारण मजदूरों द्वारा लकड़ी और कचरा जलाकर खाना बनाना भी है। इसे रोकने के लिए सरकार ने 305 कम्युनिटी किचन शुरू किए हैं जहां रोजाना 5,000 से ज्यादा लोगों को मुफ्त खाना दिया जा रहा है। मंत्री सिरसा ने आम जनता से भी खुले में कचरा जलाने से बचने की अपील की है।
दिल्ली नगर निगम की सफाई अभियान
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी प्रदूषण से निपटने के लिए सफाई अभियान तेज कर दिया है। पूरे शहर में रात में सफाई और 12 जोनों में मैकेनिकल स्वीपिंग की जा रही है। 29 बड़ी सड़कों की सफाई और 312 बाजारों में दिन में दो बार सफाई होती है।
दिल्ली सरकार का यह सख्त कदम प्रदूषण को कम करने में मददगार साबित होगा। आम नागरिकों से भी अपील है कि वे प्रदूषण फैलाने वाली हरकतों से बचें ताकि शहर की हवा फिर से साफ हो सके।













