Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR का वायु प्रदूषण हाल ही में बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 7 बजे दिल्ली के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब यानी सीवियर श्रेणी में दर्ज की गई है।
खासकर वजीरपुर इलाका सबसे ज़्यादा प्रदूषित रहा जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 477 तक पहुंच गया। इसके अलावा गाजियाबाद, नोएडा, रोहिणी, अशोक विहार, पंजाबी बाग, नेहरू नगर, द्वारका समेत कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। ये सभी इलाकें सीवियर कैटेगरी में आते हैं, जिसका मतलब है कि वहां की हवा स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है।
सांस लेने में हो रही परेशानी
इंडिया गेट के आस-पास सैर करने आए लोग साफ तौर पर सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि मास्क लगाना जरूरी हो गया है क्योंकि प्रदूषण बहुत ज्यादा है। लोग घर से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं।
एक और दिल्लीवासी ने कहा कि यह समस्या पिछले 10-15 सालों से चल रही है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर साल कम से कम दो करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा जाए और पराली जलाने की आदत को रोकना होगा। प्रदूषण के स्थायी समाधान के बिना यह समस्या कभी खत्म नहीं होगी।
स्थिति और बिगड़ सकती है
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे तक हवा की रफ्तार बहुत कम रहने वाली है। इससे स्मॉग और धुंध और बढ़ सकती है। फिलहाल GRAP-4 योजना के तहत कुछ प्रतिबंध पहले से लागू हैं, लेकिन अभी तक नई सख्ती या राहत की कोई घोषणा नहीं हुई है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और बाहर निकलते समय मास्क पहनना जरूरी हो गया है। साथ ही प्रदूषण कम करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी पर्यावरण बचाया जा सकता है।













