Haryana: हरियाणा सरकार ने राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों (Freedom Fighters) और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) से जुड़े कर्मियों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने उनकी बेटियों, आश्रित बहनों और पोतियों (granddaughters) के विवाह पर ₹51,000 की वित्तीय सहायता देने की योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु नई दिशा-निर्देश (new instructions) जारी किए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह कदम योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता लाने और पात्र परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस योजना से उन परिवारों को राहत मिलेगी जिनके अभिभावक स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं और जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।
मुख्य सचिव के अनुसार, पहले जारी दिशा-निर्देशों में कुछ व्यावहारिक अस्पष्टताएँ (practical ambiguities) थीं, जिनके कारण कई पात्र परिवार इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। सरकार ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई स्वतंत्रता सेनानी या भारतीय राष्ट्रीय सेना का कर्मी और उसकी पत्नी (विधवा) दोनों ही दिवंगत हो चुके हैं, तो उस परिवार का पुत्र या पुत्रवधू (son or daughter-in-law) अपनी बेटी यानी स्वतंत्रता सेनानी की पोती के विवाह के लिए भी ₹51,000 की वित्तीय सहायता हेतु आवेदन कर सकता है। यह निर्णय उन परिवारों की कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है, जिन्हें पहले पात्रता की शर्तों को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ता था। सरकार का कहना है कि इस कदम से सभी वास्तविक पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा
नई दिशा-निर्देशों के अनुसार, वित्तीय सहायता के लिए आवेदन संबंधित उपायुक्त (Deputy Commissioner) के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि विवाह की तारीख से छह महीने के भीतर निर्धारित की गई है, जबकि विशेष परिस्थितियों में वैध कारणों सहित बारह महीने (12 months) तक की अवधि भी दी जा सकती है। उपायुक्त द्वारा सभी दस्तावेजों और पात्रता की सावधानीपूर्वक जांच (scrutiny) के बाद आवेदन को मुख्य सचिव के अनुमोदन (approval) के लिए अग्रेषित किया जाएगा। इसके बाद, भुगतान की प्रक्रिया Administrator General and Official Trustee-cum-Treasurer, Charitable Endowments Haryana के माध्यम से पूरी की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि किसी भी पात्र परिवार को विलंब का सामना न करना पड़े।
डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रणाली का विकास
हरियाणा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय सहायता की राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया से भ्रष्टाचार, बिचौलियों की भूमिका और भुगतान में देरी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा। साथ ही, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को इस योजना के लिए एक वेब-आधारित ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पात्र लाभार्थी न केवल आवेदन कर सकेंगे, बल्कि अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) भी स्वयं देख पाएंगे।
सरकार का यह कदम स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी को दर्शाता है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन परिवारों के योगदान को भी सम्मान देती है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। हरियाणा सरकार का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी शासन के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर साबित होगा।













