Haryana News: चंडीगढ़ तेजी से भारत का पहला मॉडल सोलर सिटी बनने की ओर बढ़ रहा है। शहर की ज्यादातर बड़ी बिल्डिंग्स की छतों पर सोलर प्लांट पहले से लगाए जा चुके हैं या आने वाले महीनों में लगाए जाएंगे। अब प्रशासन को ऐसे नए क्षेत्रों की तलाश करनी है, जहां शहर की खूबसूरती और मौजूदा ढांचे को नुकसान पहुंचाए बिना सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट लगाए जा सकें।
साइकिल ट्रैक पर सोलर पैनल
इसी दिशा में सदर्न सेक्टरों के साइकिल ट्रैक पर फोटोवोल्टिक सोलर पैनल लगाने की योजना पर काम चल रहा है। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) को इसकी तकनीकी स्टडी सौंपी गई थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया कि सदर्न सेक्टरों के ट्रैक पर पैनल लगाने में कोई तकनीकी बाधा नहीं है। नॉर्दर्न सेक्टरों में पेड़ों की घनी छांव होने के कारण पैनल लगाना व्यावहारिक नहीं है। प्रशासन अब पीईसी की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
पार्किंग एरिया में सोलर प्लांट
सिर्फ साइकिल ट्रैक ही नहीं, बल्कि शहर के पार्किंग एरिया में भी सोलर प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। आईटी पार्क में पहले से ही एक मेगावॉट का सोलर प्लांट पार्किंग शेड के रूप में लगाया गया है। इससे पैदा होने वाली बिजली सरकारी अस्पताल को सप्लाई की जा रही है। इसी मॉडल को शहर के अन्य इलाकों में भी लागू करने की योजना है।
सपनों का शहर बन सकता रोल मॉडल
चंडीगढ़ के सेक्टर-1 से 30 तक नॉर्दर्न सेक्टर हैं, जबकि सेक्टर-31 से 63 तक के इलाके सदर्न सेक्टर कहलाते हैं। अगर यह योजना सफल रही तो शहर को सस्ती और साफ ऊर्जा मिलेगी। साथ ही यह पूरे देश के लिए सोलर एनर्जी का रोल मॉडल बन सकता है।













