हरियाणा रोडवेज (Haryana Roadways) की बसों में अब यात्रियों को टिकट के लिए कैश लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। राज्य परिवहन विभाग ने डिजिटल भुगतान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से बस टिकट भुगतान की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है।
विभाग ने इसके लिए क्यूआर कोड विकसित करने का काम एक एजेंसी को सौंपा है। लगभग दो हफ्तों में यह सिस्टम तैयार कर दिया जाएगा। यात्रियों को बस में सीधे अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर टिकट का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी की पूरी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देश पर यह व्यवस्था तैयार की जा रही है। उनका उद्देश्य रोडवेज को तकनीक से जोड़कर यात्रियों को सुविधा, पारदर्शिता और आधुनिक टिकटिंग प्रणाली प्रदान करना है। डिजिटल भुगतान के बाद ई-टिकट मशीन से तुरंत नया क्यूआर कोड प्रिंट होगा।
इस क्यूआर कोड में बस का नंबर, रूट और टिकट की पूरी जानकारी रहेगी। इसे मशीन से स्कैन कर तुरंत जांचा जा सकेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक टिकट को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा, जिससे फर्जी टिकट या चोरी की संभावना समाप्त हो जाएगी।
रोडवेज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा पहले कुछ बड़े डिपो में शुरू होगी और धीरे-धीरे पूरे राज्य में लागू की जाएगी। यात्रियों का मानना है कि यदि यह सुविधा सही तरीके से लागू होती है, तो यह रोडवेज के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इससे टिकट लेने में न तो लंबी लाइनें लगेंगी और न ही कैश की झंझट होगी। डिजिटल इंडिया के इस दौर में हरियाणा रोडवेज का यह कदम प्रदेश में कैशलेस और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देगा।













