Haryana News: हरियाणा सरकार ने अब सड़कों पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में किसी व्यक्ति या समूह को सड़क, राजमार्ग या किसी भी सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका कहना है कि इस तरह की हरकतों से आम जनता को अत्यधिक असुविधा होती है और यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जाती है।
गृह सचिव ने सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखें। साथ ही, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों को जाम करना केवल यातायात के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के जीवन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। ऐसे प्रदर्शन से लोगों को समय पर अपने काम, स्कूल, ऑफिस और अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगहों तक पहुंचने में मुश्किल होती है। इसलिए प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी समूह या व्यक्ति इस तरह के काम में शामिल न हो।
सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार का गैरकानूनी प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे स्थिति की लगातार निगरानी करें और तुरंत हस्तक्षेप करें। इस कदम का उद्देश्य न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है बल्कि आम जनता को परेशानी से बचाना और राज्य में शांति बनाए रखना भी है।
हरियाणा सरकार की यह नीति स्पष्ट रूप से संदेश देती है कि किसी भी स्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को कानूनी कार्रवाई से नहीं बचाया जाएगा। सरकार का यह कदम सुरक्षा और व्यवस्था के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है।













