धारूहेड़ा: नगरपालिका कार्यालय की छत पर स्थापित वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली पिछले 10 महीनों से बंद पड़ी है। इस वजह से रेवाड़ी जिले में वायु प्रदूषण के आंकड़े दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस मशीन का रखरखाव करने वाली कंपनी का ठेका नवंबर 2024 और मार्च 2025 में समाप्त हो गया था, जिसके बाद से यह पूरी तरह से ठप हो गई। साफ है कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है।Rewari News
रेवाड़ी जिले में वायु गुणवत्ता दर्ज करने के लिए यह प्रणाली धारूहेड़ा में लगाई गई थी। अब जबकि मानसून विदाई ले चुका है और खेतों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आने लगी हैं, वहीं दीपावली में केवल 22 दिन शेष हैं, ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका है। लेकिन निगरानी प्रणाली बंद होने से वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।Rewari News
विशेषज्ञों का मानना है कि बिना ताजा आंकड़ों के प्रदूषण नियंत्रण की योजनाएं और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) सही तरीके से लागू नहीं किए जा सकते। वर्तमान में रिसर्च और निगरानी के लिए विभाग को पुराने डाटा पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पहले एक बार टेंडर निकाला गया था लेकिन केवल एक ही फर्म के आने से ठेका नहीं दिया जा सका। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और फिलहाल अस्थाई तौर पर एक कंपनी को काम सौंपा गया है। क्षेत्रीय अधिकारी निपुण गुप्ता ने बताया कि जल्द ही यह मशीन चालू कर दी जाएगी ताकि वायु गुणवत्ता का सही आकलन किया जा सके।Rewari News












