रेलवे में इस समय लगभग ढाई लाख पद खाली पड़े हुए हैं, जिससे कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। इन रिक्तियों को भरने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्थायी भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी अनुबंध आधार पर दोबारा सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) और जनरल मैनेजर (GM) को भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल से रेलवे को अनुभवयुक्त कर्मचारियों का लाभ मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (SDPO) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर रेलवे अधिकारियों और यूनियनों को योजना की जानकारी दी है। जल्द ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों से संपर्क करेंगे। रेलवे ने पहले 10 सालो से लगभग 4 लाख 80 हजार भर्तियां की, और अब एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। परमानेंट और अनुबंध दोनों तरह की भर्तियों से कार्यभार कम होगा और सेवा व्यवस्था अधिक सुचारु होगी।
इस योजना के तहत केवल वही सेवानिवृत्त कर्मचारी चुने जाएंगे जिनका वार्षिक कार्य निष्पादन आकलन (APAR) अच्छा रहा हो। चयन प्रक्रिया के लिए एक समिति बनाई जाएगी और अंतिम निर्णय जनरल मैनेजर द्वारा लिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि केवल योग्य और ईमानदार कर्मचारियों को ही दोबारा सेवा का अवसर मिले।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में भी हजारों पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए पूर्व सैनिकों, सेवानिवृत्त RPF कर्मियों और होमगार्ड्स को फिर से नियुक्त किया जाएगा। इन्हें कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के पदों पर तैनाती दी जाएगी। इस प्रक्रिया को लेकर रेलवे मंत्रालय ने सभी जोनल जनरल मैनेजरों को पत्र भेजा है। इनकी अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष रखी गई है और चयन केवल अच्छे APAR वाले कर्मियों का ही होगा।
जहां तक वेतन का सवाल है, पुनर्नियुक्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले वेतन से उनकी पेंशन घटाकर एक निश्चित मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ उन्हें भत्ते और अवकाश की सुविधा भी मिलेगी। हालांकि, इस अनुबंध अवधि में वेतन वृद्धि का कोई प्रावधान नहीं होगा। अनुबंध एक वर्ष का होगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। यह कदम रेलवे के लिए एक व्यावहारिक समाधान साबित होगा, जिससे न केवल कामकाज सुचारु रहेगा बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।













