इस बार हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी HTET का आयोजन 30 और 31 जुलाई को किया जाएगा। पहले यह परीक्षा 26 और 27 जुलाई को प्रस्तावित थी लेकिन इसी तारीख पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सीईटी परीक्षा भी तय होने के कारण HBSE ने तारीख में बदलाव किया। परीक्षा हरियाणा के कुल 673 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अनुसार सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
HTET 2025 में कुल 4 लाख 5 हजार 377 उम्मीदवार शामिल होंगे। सबसे ज्यादा उम्मीदवार गुरुग्राम जिले से हैं जहां 42,783 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। वहीं सबसे कम अभ्यर्थी नूंह जिले से हैं जहां केवल 7,085 परीक्षार्थी हैं। इसी आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या भी तय की गई है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा 143 केंद्र बनाए गए हैं जबकि नारनौल में कई स्तरों पर केंद्रों की संख्या शून्य है।
तीन स्तरों की परीक्षा और उनके आंकड़े
HTET तीन स्तरों पर आयोजित होती है। लेवल-1 यानी प्राथमिक शिक्षक (PRT) के लिए 82,917 उम्मीदवार हैं। लेवल-2 यानी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के लिए सबसे ज्यादा 2,01,517 उम्मीदवार हैं जबकि लेवल-3 यानी स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) के लिए 1,20,943 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठेंगे। गुरुग्राम सभी स्तरों पर सबसे आगे है जबकि नारनौल में कुछ स्तरों पर परीक्षा केंद्र तक नहीं बनाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी हाईटेक और सख्त
HBSE ने सुरक्षा को लेकर इस बार विशेष तैयारियां की हैं। बोर्ड के मुख्यालय भिवानी में हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। परीक्षा वाले दिन धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी और हर केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। बाहरी हस्तक्षेप रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाएगी।
परीक्षा वाले दिन सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे 10 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। इस दौरान मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी और बॉयोमेट्रिक व अंगूठे के निशान भी लिए जाएंगे। HBSE अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देरी करने वालों को केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को समय का विशेष ध्यान रखना होगा।













