Rewari News: हरियाणा में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA) लागू होने के बावजूद डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। रेवाड़ी जिले में हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां कुल 114 सरकारी डॉक्टरों में से केवल 20 ही ड्यूटी पर मौजूद हैं, जबकि बाकी सभी हड़ताल पर हैं। इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में रेवाड़ी जिले को 11 नए प्रोबेशनरी डॉक्टर मिले थे। लेकिन ये सभी डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी हड़ताली डॉक्टरों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि अगर वे जल्द ड्यूटी पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने उठाए कदम
मरीजों की परेशानी को कम करने के लिए प्रशासन ने कदम उठाए हैं। एनएचएम, आयुष्मान भारत से जुड़े निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को बुलाकर आपातकालीन और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं चालू रखी गई हैं। इससे कुछ हद तक मरीजों को राहत मिली है।
रेवाड़ी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र दहिया ने बताया कि 11 प्रोबेशनरी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जल्द काम पर लौटने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर जल्द काम पर नहीं लौटेंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने यह भी दावा किया कि अस्पताल में सभी जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जैसी सेवाएं भी चल रही हैं।
डॉक्टरों का कड़ा रुख
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (Haryana Civil Medical Services Association) के प्रदेश महासचिव डॉ. अनिल यादव ने कहा कि डॉक्टरों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार चाहे उन्हें जेल में डाल दे, वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। डॉक्टरों की मुख्य मांगों में SMO की सीधी भर्ती बंद करना और संशोधित ACP लागू करना शामिल है।













