Haryana राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य मीना शर्मा ने कहा है कि जिले में चल रहे सभी प्राइवेट प्ले स्कूलों का पंजीकरण कराना जरूरी है। उन्होंने यह कदम बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली और निर्देश दिया कि सभी स्कूलों की जांच की जाए ताकि बच्चों के हितों से किसी भी तरह का समझौता न हो।
तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
मीना शर्मा ने महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी निजी प्ले स्कूलों का सर्वे करें और रिपोर्ट तीन दिन में जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपें। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी भी सहयोग करेंगे। साथ ही अगर बच्चों के शोषण से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो तुरंत जिला बाल कल्याण समिति को सूचित किया जाए।
15 दिन में करवाना होगा पंजीकरण
सभी प्राइवेट प्ले स्कूल संचालकों को 15 दिनों के भीतर “सरल हरियाणा पोर्टल” पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकरण करवाना होगा। जो स्कूल बिना पंजीकरण के चल रहे हैं उन्हें बंद कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आयोग सदस्य मांगे राम ने भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों का दाखिला कराने से पहले स्कूल की मान्यता अवश्य जांच लें।
प्ले स्कूलों के लिए जरूरी नियम
- 20 बच्चों पर एक शिक्षक और एक देखभालकर्ता होना जरूरी।
- स्कूलों में स्वच्छता, सुरक्षा और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था।
- चारदीवारी और सुरक्षित भवन होना चाहिए।
- 3 से 6 साल तक के बच्चों का ही प्रवेश।
- बच्चों के लिए वेंटिलेशन, विश्राम गृह और अलग-अलग शौचालय।
- पुस्तकालय, खेल सामग्री और स्वास्थ्य जांच की सुविधा।
- बच्चों और कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी।













