Haryana के चार जिलों के सिविल अस्पतालों में साल के अंत तक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को लागू करने के लिए तीन प्राइवेट एजेंसियों के साथ करार भी कर लिया है। निजी एजेंसियों ने इस संबंध में कार्य शुरू कर दिया है। इन केंद्रों में जांच की कीमतें निजी केंद्रों की तुलना में लगभग आधी होंगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चरखी दादरी के जिला अस्पताल में एमआरआई-सीटी स्कैन की मशीन अगले महीने आ जाएगी।
पहले चरण में यह सुविधा कुरुक्षेत्र और पानीपत के जिला अस्पताल में एमआरआई तथा चरखी दादरी के जिला नागरिक अस्पताल और बहादुरगढ़ के उपजिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने दावा किया कि इस साल के अंत तक चारों अस्पतालों में ये सुविधाएं चालू हो जाएंगी और आम लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले में एमआरआई और सीटी स्कैन की सेवाएं उपलब्ध हों, ताकि मरीजों को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
पीपीपी मॉडल के तहत पहले ही पांच जिलों में एमआरआई और 16 जिलों में सीटी स्कैन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस योजना का उद्देश्य निजी अस्पतालों में जांच के उच्च शुल्क को कम करना और राज्य के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक लाना है। पीपीपी मॉडल में जांच का रेट निजी केंद्रों की तुलना में 50-60 फीसदी कम होगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह सुविधा सुलभ और किफायती होगी।
इस पहल से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बेहतर होगी और लोगों को सरकारी अस्पतालों में उच्च गुणवत्ता वाली जांच उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना है कि भविष्य में सभी जिलों में इस मॉडल को लागू किया जाए, ताकि हर नागरिक को नजदीकी स्थान पर आधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकें।













