धारूहेड़ा: नगरपालिका धारूहेड़ा की वार्डवार मतदाता सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों और पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया है कि बीएलओ की मिलीभगत से मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी की गई है। आरोप है कि जो मतदाता संबंधित वार्ड में निवास नहीं करते, उनके नाम भी सूची में जोड़ दिए गए हैं, जबकि एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज कर दिए गए हैं।
नियम ताक पर: पूर्व पार्षद होशियार सिंह उर्फ बिट्टू ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करते समय नियमों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि जिस वार्ड में व्यक्ति निवास करता है, उसकी वोट उसी वार्ड में होनी चाहिए, लेकिन धारूहेड़ा में ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएलओ ने घर बैठे ही सूची तैयार कर दी और मौके पर जाकर सत्यापन नहीं किया। चुनाव लड़ने के इच्छुक कुछ लोगों की मिलीभगत से यह हेराफेरी की गई है। नगरपालिका कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ।

वार्ड बंदी को लेकर फर्जीवाडा’ वार्ड नंबर 11 से 176 वोट वार्ड नंबर 10 में कैसे कर दी गई l वार्ड नंबर 4 व 5 से वार्ड नंबर एक मे कर दी गई l वार्ड नंबर 3 से 6 में वार्ड नंबर 9 से 10 में वार्ड नंबर 13 से 12 वार्ड में की गई है ।
धर्मवीर यादव ने बताया कि वार्ड नंबर 17 से वार्ड नंबर एक मे 49 वोट शिफ्ट कर दी गई है l जबकि हमारी कोई सहमति नहीं है न ही वार्ड नंबर एक मे हम रहते हैं l वार्ड रिजर्व होने के कारण चुनाव लड़ने वालों ने बीएलओ से मिलकर य़ह खेल हुआ है।
बीएलओं ने खेला ऐसा खेल: पार्षद सरोज देवी ने डीएसी व डीसी को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत के अनुसार कि वार्ड 3 में 50 से ज्यादा वोट दूसरे वालों से यहां पर कर दी गई है जबकि यह लोग ना तो यहां के रहने वाले हैं तथा ना ही इनकी कोई संपत्ति है।
एक परिवार की वोट तीन वार्डों में: जहां पिछले तीन योजना से एक ही वार्ड में वोट डाल रहे थे लेकिन वार्ड 10 से सुमेर , जोनी, राकेश सिंह, उधमिराम, बनवारी ने बताया कि उसके परिवॉर की 20 से ज्यादा वोट दूसरे वार्ड में कर दी गई। इतना ही नहीं वार्ड नो और 11 की 100 से ज्यादा वोटो को वार्ड 10 में डाल दिया गया है जबकि यहां पर वे निवासी ही नहीं है ।













