Haryana सरकार जमीन के लेन-देन को और अधिक पारदर्शी, कुशल और विवाद-रहित बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत अब जमीन की रजिस्ट्री का सारा काम पूरी तरह ऑनलाइन होगा। नागरिक घर बैठे ही अपॉइंटमेंट बुक कर सकेंगे और दस्तावेजों की जांच भी ऑनलाइन करवाई जा सकेगी।
भू-अभिलेख विभाग के निदेशक यशपाल यादव ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में राजस्व अधिकारियों की बैठक में इस योजना की जानकारी दी। बैठक में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार भी मौजूद रहे। यादव ने बताया कि राजस्व से जुड़ी सेवाओं को और पारदर्शी बनाने और समय पर उपलब्ध कराने के लिए नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रदेश में सटीक पैमाइश सुनिश्चित करने के लिए 300 रोवर सभी जिलों को दिए गए हैं। इनमें से महेंद्रगढ़ जिले को 12 रोवर आवंटित किए गए हैं। तकनीक और एआई के उपयोग से पैमाइश कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में पैमाइश के आवेदन भी ऑनलाइन किए जा सकेंगे। यादव ने बताया कि जैसे ही किसी राजस्व अधिकारी द्वारा बंटवारे की सूचना पोर्टल पर अपलोड होगी, सभी पड़ोसियों को ऑनलाइन समन मिल जाएगा। इससे समय की बचत होगी और जमीन विवादों में कमी आएगी।
इसके अलावा हरियाणा के तीन शहरों—नारनौल, पंचकूला और मानेसर—का स्थानिक ज्ञान आधारित भू-सर्वेक्षण तैयार किया जा रहा है। नारनौल में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य पूरा हो चुका है। इस सर्वेक्षण से शहरी स्थानीय निकाय विभाग को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा और प्रॉपर्टी विवाद भी कम होंगे। इस मौके पर एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव, जिला नगर आयुक्त रणवीर सिंह, डीआरओ राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस पहल से नागरिकों के लिए जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान और तेज होगी। साथ ही तकनीक और एआई के इस्तेमाल से समय की बचत होगी और विवादों में कमी आएगी। यह कदम हरियाणा में भूमि प्रशासन में आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।













