Haryana Weather News: प्रदेश में आज से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। अगले तीन दिनों तक उत्तर और पश्चिमी जिलों में बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मानसून की आखिरी बारिश हो सकती है। 20 सितंबर के बाद किसी भी समय मानसून पूरी तरह विदाई ले सकता है। 28 जून को प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद अब तक 565.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य 407.9 मिलीमीटर से 39 प्रतिशत ज्यादा है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून में हल्की सक्रियता बढ़ने के कारण 17 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश के उत्तर क्षेत्र के जिलों जैसे अम्बाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत और सोनीपत में आंशिक बादलवाई के साथ कहीं-कहीं हवाओं और गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे किसानों और आम जनता को मानसून की विदाई से पहले मौसम में राहत मिलेगी।
हालांकि, लगातार हुई बारिश और बाढ़ के कारण खरीफ फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। इस पोर्टल के जरिए अब तक 6,310 गांवों के करीब 4.97 लाख किसानों ने 29.07 लाख एकड़ फसल खराब होने की जानकारी दी है।
किसानों को 15 सितंबर तक पोर्टल पर अपनी फसल खराब होने की जानकारी देने के लिए कहा गया था। अब तक 1.31 लाख एकड़ में फसलों की गिरदावरी पटवारियों द्वारा पूरी की जा चुकी है। 16 सितंबर से यह कार्य फिर से तेजी से शुरू होगा। किसानों द्वारा दी गई जानकारी की जांच कर पटवारी रिपोर्ट तैयार करेंगे और विभाग को सौंपेंगे।
इस मौसम और फसल नुकसान की स्थिति को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, बारिश से मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।













