Haryana Weather News: उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर अब हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण ठंड जल्दी बढ़ गई है। कई इलाकों में रात का तापमान गिरने लगा है। किसानों ने इस मौसम को देखते हुए सरसों की बिजाई शुरू कर दी है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ और बढ़ी नमी के कारण सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है।
8 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने असर दिखाना शुरू किया, जिससे रात का तापमान लगातार नीचे जा रहा है। हिसार में 10 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार, करनाल, फरीदाबाद, कैथल और महेंद्रगढ़ में तापमान 18 डिग्री से नीचे है। नारनौल में अधिकतम तापमान लगातार चौथे दिन सामान्य से 7.4 डिग्री कम रहा। रोहतक में भी तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम चल रहा है।
हरियाणा में अक्टूबर के पहले 9 दिनों में 30 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्यत: केवल 4 मिमी बारिश होती है। यह पिछले रिकॉर्ड की तुलना में 649% ज्यादा है। इतनी भारी बारिश अक्टूबर में पिछली बार 2004 में हुई थी। लगातार बारिश और बढ़ी नमी के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे है।
किसानों ने इस मौसम का फायदा उठाते हुए सरसों की बुआई शुरू कर दी है। खेतों में नमी और ठंडक का वातावरण बुआई के लिए अनुकूल है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 14 अक्टूबर तक मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान दिन का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, जबकि रात का तापमान हल्का और गिर सकता है। हवाओं की दिशा उत्तर और उत्तर-पश्चिमी होने से रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है।













