Haryana: गुरुग्राम में गिरते भूजल स्तर और शहरी जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर ली है। यह सिस्टम वर्षा जल के संचयन, जलभराव को कम करने और भूजल स्तर को बढ़ाने में प्रभावी होगा।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम लगाने में आसान है और कम जगह में फिट हो जाता है, जिसके कारण यह शहरी क्षेत्रों, पार्कों, ग्रीन बेल्ट और जलभराव प्रभावित इलाकों के लिए बेहद उपयुक्त रहेगा। नगर निगम का यह कदम शहर में मॉनसून के दौरान जलभराव से निजात दिलाने में मदद करेगा और वर्षा जल के संरक्षण के माध्यम से शहर को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहयोग करेगा।
नगर निगम का दावा – जलभराव की समस्या होगी समाप्त
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम शहर में मॉनसून के समय होने वाले जलभराव से राहत दिला सकता है। अधिकारियों ने बताया कि शहर में बारिश के समय सड़कों पर जमा होने वाला पानी धीरे-धीरे भूजल भंडारण में चला जाएगा, जिससे सड़कें जल्दी सूख जाएंगी और जलभराव से होने वाली परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
इसके साथ ही, इस तकनीक का लाभ यह भी होगा कि यह भूजल स्तर को गिरने से बचाने और बारिश के पानी को बेकार जाने से रोकने का एक स्थायी समाधान बनेगा। नगर निगम का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में गुरुग्राम को जलभराव मुक्त और जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके।
नागरिकों से सुझाव मांग रहा नगर निगम
नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों को इस परियोजना के प्रति जागरूक करने और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित सिस्टम का प्रेजेंटेशन नगर निगम गुरुग्राम की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। इस प्रेजेंटेशन के माध्यम से नागरिक यह समझ सकते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करेगा, इसे किस प्रकार अपनाया जा सकता है और इससे क्या लाभ होंगे। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रेजेंटेशन को देखकर अपने सुझाव और प्रतिक्रियाएं भेजें, ताकि नागरिकों की जरूरत और सुझाव के आधार पर इस सिस्टम को और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
21 जुलाई तक भेज सकते हैं सुझाव
नगर निगम ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे 21 जुलाई शाम 5 बजे तक अपने सुझाव ईमेल आईडी eeh2@mcg.gov.in पर भेज सकते हैं। उल्लेखनीय है कि शहर में पहले से ही लगभग 400 पारंपरिक तरीके से बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कार्य कर रहे हैं। लेकिन इन पारंपरिक प्रणालियों के बावजूद जलभराव की समस्या और गिरते भूजल स्तर की चुनौती बरकरार है। इसीलिए मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसे नवीन उपायों को लागू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि जल संरक्षण को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बढ़ावा दिया जा सके।













