Haryana School Shift: फर्रुखनगर के सरकारी आदर्श संस्कृति इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्राओं ने झज्जर चौक पर धरना देकर सड़क जाम कर दी। छात्राएं नारेबाजी करते हुए स्कूल को डबल शिफ्ट में बदलने के फैसले का विरोध कर रही थीं। उनका कहना है कि इससे पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी। स्कूल में पहले से ही शौचालयों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। ऐसे में दोहरी शिफ्ट के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं।
स्कूल की सुविधाएं पहले से ही सीमित
यह स्कूल CBSE से मान्यता प्राप्त एक आदर्श शिक्षण संस्थान है जहां दूर-दराज से बेटियां पढ़ने आती हैं। छात्राओं का कहना है कि दो शिफ्टों में स्कूल चलने से न तो पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगी और न ही उन्हें सुरक्षित महसूस होगा। विद्यालय में खेल मैदान की कमी के साथ-साथ स्वच्छता, पानी और बिजली की भी समस्या है। दोहरी शिफ्ट में इन सबकी देखरेख और मुश्किल हो जाएगी।
स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने पहले ही खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर इस निर्णय का विरोध किया था। अभिभावकों का कहना है कि वे फीस देकर अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना चाहते हैं लेकिन सरकार की यह योजना बुनियादी सुविधाओं को और खराब कर सकती है। बावजूद इसके प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
सीबीएसई के नियमों के खिलाफ है यह कदम
स्कूल में पहले से ही ‘बुनियाद केंद्र’ सुबह 8 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चलता है। इसकी समय-सारणी में बदलाव नहीं किया जा सकता। साथ ही CBSE की अनुमति के बिना किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल को दोहरी शिफ्ट में चलाना नियमों के खिलाफ है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह निर्णय नियमों की अवहेलना कर लागू किया जा रहा है।
छात्राओं ने फर्रुखनगर-झज्जर रोड को जाम करते हुए प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्कूल को यहां शिफ्ट किया जा रहा है उसमें पहले से कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई हो रही है और 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं एक ही शिफ्ट में चलाई जा सकती हैं। ऐसे में दोहरी शिफ्ट की जरूरत ही नहीं है।













