Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मानसून सत्र के दौरान कहा कि राज्य सरकार की नीति हर 20 किलोमीटर की परिधि में एक सरकारी कॉलेज स्थापित करने की है। इस नीति के तहत पलवल जिले के जनौली गाँव के आसपास सात सरकारी कॉलेज पहले से ही संचालित हैं। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने और युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान शिक्षा सुविधाएं प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधायक रघुवीर तेवतिया के सवाल के जवाब में दी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर ध्यान देते हुए इस नीति का रोडमैप तैयार कर दिया गया है ।इस नीति से शिक्षा का विस्तार हुआ है और युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं।
जनौली से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित राजकीय महाविद्यालय पलवल में वर्तमान में 560 छात्र और 733 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इस महाविद्यालय की कुल 1293 सीटों की क्षमता है। इसके अलावा बात करे तो, जनौली से 15 किलोमीटर की दूरी पर राजकीय कन्या महाविद्यालय, मंडकौला में 339 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और शिक्षा की पहुंच स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पृथला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव जनौली में वर्ष 2015 से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) भी संचालित है। इस संस्थान के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षा से जुड़ी अन्य गतिविधियां नियमित रूप से की जाती हैं। इस तरह की पहल से न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, बल्कि शिक्षकों के कौशल विकास में भी मदद मिल रही है। यह योजना पलवल और आसपास के क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।













