Haryana News: हरियाणा में नए जिलों के गठन को लेकर चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए कई सुझावों पर चर्चा की गई। बैठक का केंद्र 11 संभावित क्षेत्रों को नया जिला बनाने पर रहा जिनमें असंध नारायणगढ़ मानेसर पटौदी पिहोवा हांसी बरवाला सफीदों गोहाना और डबवाली शामिल हैं। इन स्थानों की भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए इन्हें उपयुक्त बताया गया है।
बैठक में यह सिर्फ नए जिलों पर ही नहीं रुकी बल्कि संभावित सब-डिविजन तहसील और उप-तहसील के प्रस्तावों को भी विस्तार से देखा गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले समय में प्रशासनिक कामकाज तेज और सुचारू रूप से चल सके। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए इस तरह की रूपरेखा बेहद जरूरी मानी जा रही है।
चर्चा के बाद बनाई गई कमेटी ने कुल 62 प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दी है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भेज दी गई है। अब अंतिम निर्णय सरकार के हाथ में है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस पर जल्द फैसला लेगी।
सरकार पर निर्णय लेने का दबाव इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि जनगणना शुरू होने से पहले सीमाओं में बदलाव करने की आखिरी तिथि नजदीक आ चुकी है। यदि सरकार समय रहते फैसला नहीं लेती तो नए जिलों का गठन अगले चरण तक टल सकता है। इसलिए इस समय लिया गया फैसला बेहद अहम होगा।
नए जिले बनाने के लिए तय किए गए मानक
हरियाणा सरकार ने नए जिले बनाने के लिए कुछ मानक निर्धारित किए हैं। इनमें 125 से 200 गांव शामिल होने चाहिए। जिले की आबादी 4 लाख से ज्यादा होनी चाहिए। साथ ही क्षेत्रफल 80 हजार हेक्टेयर से अधिक होना चाहिए। इन मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी 11 संभावित क्षेत्रों का अध्ययन किया गया है।













