Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि जिन किसानों की फसल बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई है, उन्हें 15 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही घरों, घरेलू सामान और पशुओं के नुकसान के लिए 2386 लोगों को 4.72 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा रहे हैं।
इसमें 2371 मकानों के नुकसान के लिए 4.67 करोड़ रुपये और 13 पशुओं की हानि का मुआवजा शामिल है। सीएम ने कहा कि दिवाली से पहले यह राशि किसानों के खातों में डाल दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रभावित किसानों को रबी फसल के लिए फसली ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस फैसले से लगभग 3 लाख किसानों को ऋण के बोझ से राहत मिलेगी।
ई-मुआवजा पोर्टल पर पंजीकरण
सरकार ने 15 सितंबर तक ई-मुआवजा पोर्टल खोला। इस पर प्रदेश के 6397 गांवों के 5.37 लाख किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया। सीएम ने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ से 50% से अधिक फसलें नष्ट हुईं और किसी किसान की फसल खराबा 33% या अधिक हुआ, उनके खरीफ ऋण की वसूली स्थगित की जाएगी।
किसानों के लिए अन्य राहत उपाय
सीएम सैनी ने ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक स्थगित करने की घोषणा की। जिन बिलों का भुगतान जुलाई 2025 तक होना था, वे अब जनवरी 2026 से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के देय होंगे। इससे प्रदेश के 7.10 लाख किसानों को तुरंत वित्तीय राहत मिलेगी।
सीएम ने बताया कि आज राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 404.79 करोड़ रुपये पंचायती राज संस्थाओं को जारी किए गए। यह राशि 5719 पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषदों के खातों में जाएगी। पिछले चार वर्षों में कुल 3700 करोड़ रुपये पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों के लिए दिए जा चुके हैं।













