Haryana News: हरियाणा में डाक विभाग ने एक अहम फैसला लेते हुए अब डाकघरों में रजिस्ट्री सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। अब उपभोक्ताओं को केवल स्पीड पोस्ट सेवा ही उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग के अनुसार समय बदलने के साथ लोगों की प्राथमिकताएं भी बदल गई हैं। अब अधिकांश लोग तेज, सुरक्षित और डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सकने वाली सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हालांकि इस फैसले से आम उपभोक्ता को आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। पहले रजिस्ट्री का शुल्क मात्र 26 रुपये था, जबकि स्पीड पोस्ट का न्यूनतम शुल्क अब 55 रुपये तय किया गया है। यानी नई सेवा पुरानी की तुलना में दो गुना या उससे अधिक महंगी हो गई है। ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोग, जो अभी भी पारंपरिक डाक सेवाओं का उपयोग करते हैं, इस बदलाव से सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
डाक कर्मचारियों के अनुसार, स्पीड पोस्ट सेवा में अब जीएसटी भी शामिल है। उपभोक्ताओं से प्रति स्पीड पोस्ट 55 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि रसीद में केवल 47 रुपये का शुल्क दिखाया जाता है। बाकी 8 रुपये जीएसटी के रूप में जमा किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। गन्नौर निवासी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि रजिस्ट्री सेवा आम जनता के लिए सस्ती और भरोसेमंद थी। गरीब और बुजुर्ग लोग 55 रुपये का शुल्क आसानी से नहीं दे सकते।
डाक विभाग का मानना है कि स्पीड पोस्ट रजिस्ट्री से अधिक तेज, सुरक्षित और ट्रैकिंग सुविधा वाली सेवा है। उपभोक्ता अब अपने पार्सल या पत्र को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं और समय पर डिलीवरी की गारंटी भी मिलती है। हालांकि, सुविधा बढ़ने के साथ खर्च भी बढ़ गया है।
इस निर्णय से डाक विभाग डिजिटल युग की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, लेकिन पुराने ग्राहकों के लिए यह नया बदलाव महंगी डाक सेवा साबित हो सकता है। अब सेवा का लाभ सबके लिए लेना आसान नहीं रहा।













