Haryana News: शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। ढेसी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार से जुड़ा है और इसे समय पर पूरा करना जरूरी है। इसी के साथ उन्होंने कालिंदी कुंज मार्ग के निर्माण की गति बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने यह बातें गुरुवार को सेक्टर-12 स्थित मिनी सचिवालय में आयोजित तीसरी इंटर एजेंसी कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में कहीं।
बैठक में मंडलायुक्त संजय जून, उपायुक्त विक्रम सिंह, डीसीपी ट्रैफिक जयवीर राठी, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी के डिप्टी सीईओ अमित मन्न, एफएमडीए की एडिशनल सीईओ गौरी मिड्ढा और सीटीएम अंकित कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि कालिंदी कुंज मार्ग पर एक किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई है ताकि जल्द से जल्द इसे कार्यान्वयन स्तर पर लाया जा सके। एफएमडीए को निर्देश दिए गए कि वे सड़क से जुड़े अधोसंरचना विकास कार्यों का अनुमान तैयार करें ताकि इसे आगामी वित्तीय वर्ष में हाई पर्चेज कमेटी से पास करवाया जा सके।
मास्टर सीवर लाइन और अमृत-एक योजना पर भी निगरानी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एसटीपी मिर्जापुर से मास्टर सीवर लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। अमृत-एक योजना के तहत नगर निगम फरीदाबाद खेडी ब्रिज से मिर्जापुर एसटीपी तक 1800 मिमी व्यास की मास्टर सीवर लाइन बिछाने का काम तेजी से कर रहा है। ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज से जुड़े विकास कार्यों को तेज करने के लिए एचएसवीपी ने अड़चनों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इससे अधोसंरचना का विकास होगा और लोगों को सुविधाएं मिलेंगी।
जलभराव के स्थायी समाधान के निर्देश
ढेसी ने नीलम फ्लाईओवर, सेक्टर-15 और 15ए की सड़कों पर लगी नई स्ट्रीट लाइट्स की भी समीक्षा की और उनके रखरखाव का जिम्मा नगर निगम को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही एजेंसी द्वारा पूरे शहर में लाइटों की देखरेख से समन्वय बेहतर होगा। इसके अलावा उन्होंने बल्लभगढ़ अनाज मंडी और बस स्टैंड क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पर चिंता जताई और निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उनका उद्देश्य यह है कि शहर में बारिश के दौरान आने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिल सके।













