Haryana News: हरियाणा में पूर्व विधायकों को नायब सैनी सरकार का तोहफा! जानिए किस फैसला ने मचा दी हलचल

On: July 6, 2025 11:14 AM
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Haryana News: हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पूर्व विधायकों को एक बड़ा तोहफा दे दिया है। अब उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये का अतिरिक्त विशेष यात्रा भत्ता मिलेगा। यह फैसला बीते महीने हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पुरानी पेंशन योजना को लेकर सरकारी कर्मचारी असंतोष जता रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा सिर्फ पूर्व विधायकों को फायदा देना जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

अब तक यह सुविधा केवल उन्हीं पूर्व विधायकों को मिलती थी जिनकी मासिक पेंशन एक लाख रुपये से कम थी। लेकिन अब यह सीमा हटा दी गई है। यानी जो विधायक पहले से ही एक लाख रुपये से ज्यादा की पेंशन ले रहे हैं उन्हें भी हर महीने 10 हजार रुपये विशेष यात्रा भत्ता मिलेगा। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार के अनुसार इस संबंध में “हरियाणा विधानसभा सदस्य वेतन भत्ते एवं पेंशन अधिनियम 1975” की धारा 7(C) में संशोधन किया गया है।

कानूनी संशोधन को लेकर विधानसभा में पेश होगा विधेयक

सरकार ने इस संशोधन को कानूनी रूप देने के लिए आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करने की तैयारी की है। यह सत्र अगस्त या सितंबर में होगा। हालांकि अगर नायब सैनी सरकार चाहे तो इस फैसले को तुरंत लागू करने के लिए इसे अध्यादेश के माध्यम से राज्यपाल से पास करवा सकती है। इस प्रकार बिना किसी देरी के नया भत्ता सीधे प्रभाव में आ सकता है।

2018 में भी हुआ था बड़ा बदलाव

यह पहली बार नहीं है जब पूर्व विधायकों की पेंशन को लेकर नियम बदले गए हों। साल 2018 में भी हरियाणा विधानसभा ने 1975 के कानून में बदलाव किया था और पूर्व विधायकों को दो श्रेणियों में बांटा था। पहले वे जो 1 जनवरी 2016 से पहले विधायक रह चुके थे और दूसरे जो इस तारीख के बाद चुने गए थे। पुराने विधायकों की पेंशन जस की तस रखी गई थी लेकिन नए विधायकों के लिए 50 हजार रुपये मासिक पेंशन और अतिरिक्त कार्यकाल के लिए हर साल 2000 रुपये की बढ़ोतरी का नियम बनाया गया था।

जहां एक ओर सरकार कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने में आनाकानी कर रही है वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायकों के लिए भत्तों में उदारता दिखाई गई है। इससे सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी कर्मचारी संगठनों में इस निर्णय को लेकर नाराजगी देखी जा रही है जबकि पूर्व विधायक वर्ग इस निर्णय से बेहद खुश है। अब देखना होगा कि विधानसभा में यह संशोधन बिना किसी विरोध के पारित होता है या कोई नई बहस छेड़ता है।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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