Haryana News: हरियाणा की नई राइस पॉलिसी में बड़ा बदलाव, टूटे चावल की सीमा घटाकर किया सिर्फ 10%

On: September 20, 2025 3:42 PM
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Haryana News: हरियाणा की नई राइस पॉलिसी में बड़ा बदलाव, टूटे चावल की सीमा घटाकर किया सिर्फ 10%

Haryana News: हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने राइस मिलर्स के लिए नई कस्टम मिल्ड राइस (CMR) पॉलिसी लागू कर दी है। इस पॉलिसी में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि टूटे चावल की स्वीकार्य सीमा घटाकर 25% से 10% कर दी गई है। इस कदम से मिल मालिकों में नाराजगी है, क्योंकि मिलिंग के दौरान चावल का टूटना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

नई नीति में टूटे चावल को कम करने के लिए अतिरिक्त मिलिंग लागत 2.23 रुपए प्रति क्विंटल, अतिरिक्त भंडारण लागत 1.23 रुपए प्रति क्विंटल और पैकेजिंग शुल्क 3.33 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। लेकिन वास्तविक प्रसंस्करण और हैंडलिंग लागत लगभग 25 रुपए प्रति क्विंटल है। मिल मालिकों ने शेष 15% टूटे चावल पर स्पष्टता की मांग की है।

राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने कहा कि बिना स्पष्ट निर्देश के शेष 15% टूटे चावल पर CMR लागू करना मुश्किल होगा। मिल मालिकों का कहना है कि यह नीति उन्हें और किसानों को अतिरिक्त बोझ में डाल सकती है।

नई पॉलिसी के तहत मिल मालिकों को धान की आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से करनी होगी। दिसंबर 2025 तक 15%, जनवरी 2026 तक 25%, फरवरी के अंत तक 20%, मार्च के अंत तक 15%, मई के अंत तक 15% और 30 जून तक अंतिम 10% आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

मिल मालिकों ने आरोप लगाया कि सरकार ने FCI गोदाम तक धान ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध कराने से इंकार किया है। इसके बिना ट्रांसपोर्टरों को पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध कराए बिना टेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा। कुछ ट्रांसपोर्टरों द्वारा पहले भी फर्जी वाहन नंबर देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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