Haryana News: हरियाणा की अनाज मंडियों में अब धान की आवक अच्छी रफ्तार पकड़ने लगी है। जींद जिले की नरवाना अनाज मंडी में सोमवार को किसान पीआर धान लेकर पहुंचे, लेकिन सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई। मंडी में मील अलॉटमेंट का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। मंडी प्रशासन ने बताया कि खरीद प्रक्रिया के लिए सभी इंतजाम पुख्ता किए गए हैं और किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
नरवाना मंडी में खरीद की जिम्मेदारी अलग-अलग एजेंसियों के पास है। सोमवार, मंगलवार, वीरवार और शनिवार को डीएफसी एजेंसी खरीद करेगी, जबकि बुधवार और शुक्रवार को डीएफएससी एजेंसी जिम्मेदार होगी। धमतान, गढ़ी, धनौरी और खरल सब-यार्ड में केवल डीएफएससी एजेंसी खरीद करेगी। मंगलपुर सब-यार्ड में धान की खरीद वेयरहाउस एजेंसी करेगी। मंडियों में आने वाले पीआर धान के लिए खरीद पोर्टल पर गेट पास जारी करना शुरू कर दिया गया है।
खरीद के आंकड़ों की बात करें तो नरवाना मंडी में 1509 किस्म की धान की 925 क्विंटल खरीद दर्ज की गई है। इसके अलावा 1121 और 1718 जैसी अन्य बासमती किस्मों की आवक भी अच्छी रही। बाजरे की आवक 282 क्विंटल रही, जबकि कपास की आवक बेहद कम रही, केवल 20 क्विंटल ही मंडी में पहुंचा।
फसलों के भाव की जानकारी के अनुसार, 1509 धान की कीमत 2750 से 3260 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रही। कपास का भाव 5300 से 6350 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि बाजरे की कीमत 2000 से 2610 रुपए प्रति क्विंटल रही।
हालांकि, मंडी में फसल लेकर आए किसानों ने उचित भाव न मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश से पैदावार प्रभावित हुई है और गुणवत्ता पर असर पड़ा है। इस वजह से किसान अपनी फसल को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं।













