Haryana News: हरियाणा में अब टूटी-फूटी सड़कों की शिकायत करना बेहद आसान हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को “म्हारी सड़क” मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप हरसैक और लोक निर्माण विभाग (PWD B&R) के सहयोग से बनाया गया है। इस ऐप की मदद से कोई भी व्यक्ति सड़क की खराब स्थिति, गड्ढों, टूटी डिवाइडर या जलभराव जैसी समस्याओं की जानकारी सरकार तक सीधे भेज सकेगा।
यह ऐप पूरी तरह जियो-टैग्ड और जियो-फेंस्ड तकनीक पर आधारित है। यानी जब कोई व्यक्ति शिकायत दर्ज करेगा, तो उसकी लोकेशन अपने आप ऐप में कैप्चर हो जाएगी। शिकायत करने वाले को बस समस्या की एक फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड करनी होगी। जैसे ही फोटो अपलोड होती है, शिकायत रजिस्टर हो जाएगी और शिकायतकर्ता को तुरंत एसएमएस के जरिए इसकी पुष्टि भी मिल जाएगी।
शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारी उस जगह जाकर समस्या की जांच करेंगे और तय समय सीमा के भीतर उसका समाधान करेंगे। ऐप में टाइम-बाउंड रेजॉल्यूशन की सुविधा दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर शिकायत का समाधान निश्चित समय में हो। साथ ही, लोग अपनी शिकायत की स्थिति कभी भी ऐप में लॉगिन करके ट्रैक कर सकेंगे।
म्हारी सड़क ऐप में ऑफलाइन मोड की सुविधा भी दी गई है ताकि इंटरनेट न होने पर भी शिकायत दर्ज की जा सके। इसमें नागरिकों और विभागीय अधिकारियों के लिए अलग-अलग लॉगिन बनाए गए हैं। ऐप मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट करता है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। सरकार ने एक वर्चुअल हेल्पलाइन नंबर 8046810976 भी जारी किया है, जिस पर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि इस ऐप से सड़क रखरखाव की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी। पहले लोगों को सड़कों से जुड़ी शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सिर्फ एक क्लिक से सूचना सीधे सरकार तक पहुंच जाएगी। इससे सड़क मरम्मत की गुणवत्ता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार व देरी जैसी दिक्कतों पर लगाम लगेगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में इस ऐप को पूरे हरियाणा में लागू किया जाए ताकि सड़क सुधार की रफ्तार और भी तेज हो सके। अब हरियाणा में सड़कों की हालत जानने के लिए निरीक्षण टीम की नहीं, बल्कि जनता की उंगली पर एक क्लिक की जरूरत होगी।













