Haryana News: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राज्य में धान की खरीद 1 अक्तूबर से पहले शुरू करने की मांग रखी। केंद्र ने इस पर सहमति दे दी है और जल्द ही इसका शेड्यूल जारी होगा।
सीएम ने बताया कि हरियाणा के पास फिलहाल केंद्रीय पूल का करीब 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल का स्टॉक मौजूद है। दिसंबर में नई फसल आने पर राज्य को 14.5 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता केंद्र से उपलब्ध होगी। अतिरिक्त गेहूं और चावल को अन्य राज्यों में भेजा जाएगा।
बैठक में हरियाणा में गोदामों की क्षमता को बढ़ाकर 30 लाख टन करने को मंजूरी दी गई। साथ ही, राज्य द्वारा दी गई गेहूं और चावल की फसल की बकाया राशि 6200 करोड़ रुपये जल्द जारी करने का आश्वासन भी केंद्र सरकार ने दिया।
टूटे चावल पर बड़ा फैसला
सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा इस साल 10 प्रतिशत टूटे चावल के 8 लाख मीट्रिक टन की खरीद का लक्ष्य पूरा करेगा। वहीं, शेष 15 प्रतिशत टूटे चावल को केंद्र सरकार 15 दिनों में बेच देगी। पीडीएस के तहत चावल में टूटे दाने की मात्रा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की पायलट योजना का भी समर्थन किया गया।
गन्ने की फसल को बढ़ावा
फसल विविधीकरण को ध्यान में रखते हुए सीएम ने शुगर मिल की दूरी 25 किलोमीटर से घटाकर 15 किलोमीटर करने का प्रस्ताव रखा, जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी। साथ ही, हरियाणा में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को बेहतर विकल्प देने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।













