Haryana News: हरियाणा सरकार ने S.M.O. की सीधी भर्ती समेत अन्य मांगों को लेकर दो दिन से हड़ताल कर रहे डॉक्टरों पर एस्मा लागू कर दिया है। इसका मतलब है कि अब डॉक्टर हड़ताल नहीं कर पाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी बिना किसी रुकावट के अपनी सेवाएं जारी रखें, ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज में कोई बाधा न आए। हड़ताल से लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए यह कदम जरूरी था।
छह जिलों में धारा 163 लागू
डॉक्टरों की हड़ताल और उससे पैदा हुई अव्यवस्था को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के छह जिलों—भिवानी, करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और गुरुग्राम—में धारा 163 लागू कर दी है। इन जिलों में किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। सरकार ने हड़ताली डॉक्टरों पर ‘नो वर्क नो पे’ का आदेश भी जारी किया है, यानी हड़ताल के दौरान डॉक्टरों को वेतन नहीं मिलेगा। इस आदेश पर डॉक्टर एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है।
सरकार कर रही है डॉक्टरों की मांगों पर विचार
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि हरियाणा सिविल मैडीकल एसोसिएशन (H.C.M.S.) ने दो दिन की हड़ताल की थी और उनकी कई मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं रुकने नहीं दी गईं और अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती जारी रही। इसके अलावा, बाहरी डॉक्टरों को भी बुलाया गया था ताकि मरीजों को सुविधा मिलती रहे।
8 और 9 दिसंबर को हड़ताल के बाद मंगलवार को डॉक्टरों की एसोसिएशन ने बैठक की। इस बैठक में डॉक्टरों ने 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की रणनीति बनाई, लेकिन शाम तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश ख्यालिया ने कहा कि वे प्रदेश भर के डॉक्टरों से बातचीत कर आगामी कदम पर फैसला करेंगे।













