Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 4 से 8 तक के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब उन्हें पूरे शैक्षणिक सत्र में केवल दो ही परीक्षाएं देनी होंगी। पहले तीन बार SET परीक्षा के रूप में छात्रों का मूल्यांकन किया जाता था जिससे उन पर लगातार पढ़ाई और परीक्षा का दबाव बना रहता था। अब यह बोझ कम किया गया है जिससे छात्र पढ़ाई को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार अब छात्रों को सिर्फ छमाही और वार्षिक परीक्षा देनी होगी। पहले साल में तीन बार SET परीक्षा ली जाती थी जिसमें प्रत्येक विषय का 20 अंकों का पेपर होता था। लेकिन अब इन सभी SET परीक्षाओं को समाप्त कर दिया गया है। इस बदलाव से न सिर्फ छात्रों का तनाव कम होगा बल्कि शिक्षकों को भी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का समय मिलेगा।
SET परीक्षा की समाप्ति का कारण
SET परीक्षा छात्रों के शैक्षणिक स्तर को आंकने के लिए शुरू की गई थी। लेकिन समय के साथ यह परीक्षा छात्रों और शिक्षकों दोनों पर दबाव डालने लगी थी। इसमें समय के साथ-साथ बहुत अधिक संसाधनों की भी जरूरत होती थी। इस वजह से पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा था। इसी को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने SET परीक्षा को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
पढ़ाई की गुणवत्ता पर होगा फोकस
अब शिक्षकों और छात्रों दोनों को पढ़ाई पर अधिक समय मिलेगा। बिना बार-बार परीक्षा की तैयारी के छात्र विषयों को गहराई से समझ सकेंगे। शिक्षक भी बच्चों को बेहतर तरीके से समझा पाएंगे और उन पर व्यक्तिगत ध्यान दे सकेंगे। इस बदलाव से पढ़ाई का माहौल भी बेहतर होगा और बच्चों की रुचि भी बढ़ेगी।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने यह निर्णय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। इसका उद्देश्य है कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव न हो और वे बिना तनाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इससे स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा और शिक्षक अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाएंगे। यह कदम राज्य में शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।













