धारूहेड़ा: भिवाडी से आ रहे रसायन युक्त पानी से अब महेश्वरी को लोगो को राहत मिलने वाली है। जिला प्रशासन की ओर से महेश्वरी के पास अब रैंप बनाया जाएगा ताकि पानी महेश्वरी में नहीं घुसे। रेवाड़ी प्रशासन की ओर से यहां पर रैंप बनाने को लेकर हरी झडी दे दी है।Haryana News
गौरतलब है कि भिवाड़ी से हर दिन भारी मात्रा में काला और रसायन युक्त पानी महेश्वरी की सीमा में पहुंच रहा था। इस जलभराव से दर्जनों एकड़ जमीन बंजर हो चुकी है, जबकि खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई, यहां तक कि मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।Haryana News

11 सितंबर को पंचायत ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना था कि बिना बारिश के भी हर दिन भिवाड़ी का गंदा पानी हरियाणा की सीमा में घुस रहा है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।Haryana News
अब जिला प्रशासन द्वारा रैंप बनाने की मंजूरी दिए जाने से ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इससे न केवल जलभराव रोका जा सकेगा, बल्कि बर्बाद हो चुकी जमीन को भी धीरे-धीरे खेती योग्य बनाया जा सकेगा। इसी पानी से परेशान होकर पहले अलवर बाइपास के पास धारूहेड़ा सीमा में भी रैंप बनाया गया था।Haryana News
बनाया जाएगा पक्का रैंप: महेश्वरी गांव में एंट्री के लिए बनाए गए गेट के पास पक्का रैंप बनाया जाएगा। रैंप के बनने से राजस्थान का पानी महेश्वरी की सीमा में नही आ सकेगा। जबकि पानी भिवाडी की सीमा में एकत्रित रहेगा। फिलहाल पैमाईस की जा चुकी है तथा जेसीबी से खुदाई करके काम शुरू कर दिया गया है।
……….
दो बार सीएम के पास वह अपने कार्यकाल में शिकायत दे चुका है। महेश्वरी के पास आये दिन जलभराव हो रहा है। जीना दूभर हो गया है। इतना ही इसको लेकर एनजीटी को भी शिकायत की थी लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है।
जोगेंंद्र सिंह, पूर्व सरपंच महेश्वरी
……
उपायुक्त को 11 सिंतबर इस जलभराव से परेशान होकर ज्ञापन सोंंपा था। भिवाड़ी प्रशासन अपनी हरकतो से बाज नही आ रहा है। हमारा जीना दूभर हो गया है। गांव की कई एकड जमीन में काला पानी भरा हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से अब जलभराव को लेकर रैंप बनाने की अनुमति मिल गई है।
मिनाक्षी, सरपंच महेश्वरी













