Haryana News: हरियाणा में नवरात्र के साथ-साथ सेब की सप्लाई में देरी ने दाम बढ़ा दिए हैं। कैथल की फल-सब्जी मंडियों में सेब के दाम पिछले दिन 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर असर पड़ा है और खरीद महंगी हुई है।
रास्ते टूटने और खराब सड़कों के कारण ट्रकों को सफर में ज्यादा समय लग रहा है। इसका असर यह हुआ कि 20 से 30 प्रतिशत सेब रास्ते में ही खराब होकर बर्बाद हो जाते हैं। पहले एक पेटी सेब का किराया 50-60 रुपये था, अब यह बढ़कर डेढ़ सौ रुपये तक पहुंच गया है।
कीमतों का असर
बढ़ा हुआ ट्रांसपोर्ट किराया सीधे आढ़तियों और दुकानदारों की लागत बढ़ा रहा है। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ा है। सामान्य दिनों में जहां सेब 40-45 रुपये किलो बिकता था, अब वही सेब 60-65 रुपये किलो तक बिक रहा है।
मंडियों की स्थिति
जिले में रोजाना करीब ढाई सौ क्विंटल सेब की खपत होती है। इसमें पूंडरी, कलायत, चीका, ढांड और राजौंद की मंडियां शामिल हैं। सप्लाई में देरी ने सभी जगह महंगाई बढ़ा दी है।
सब्जी मंडी कैथल के प्रधान वीरेंद्र सतीजा ने बताया कि नवरात्र और त्योहारों के दौरान फलों के दाम बढ़ना आम बात है। लेकिन इस बार असली कारण रास्तों की खराबी और ट्रकों का देर से पहुंचना है। दुकानदार कोशिश करते हैं कि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े, लेकिन बढ़ी हुई लागत और खराब माल ने स्थिति और बिगाड़ दी है।













